भाई साहब,
मैं आप ही से कह रहा हूँ।
जी, आप से।
हाँ जी, आप ही
जो नेताओं को गाली दिए जा रहे हैं।
कभी आपने सोचा है,
आप कितने स्वार्थी, नीच, पतित हैं।
मॉल में आपके बैग की जाँच की जाती है,
आप कहते हैं भाई जल्दी करो देर हो रही है।
हवाई अड्डे पे सुरक्षा जाँच होती है,
आप कहते हैं इससे अच्छा ट्रेन से चले जाते।
लाइन लगना आपके लिए अपमान है,
सिग्नल तोड़ना आपकी आदत है।
फिर आप क्यूँ बोलते हैं,
आप चुप रहिये।
आपकी तो बस,
दूसरों पर झाड़ने की आदत है।
हम टैक्स नही भरेंगे,
पूरी व्यवस्था चरमरा गई है,
ऊपर से नीचे तक चोर ही चोर हैं।
भाई साहब, आप कहाँ बैठे हैं,
आप भी तो इन सब में हैं।
सिर्फ़ पटर-पटर बोलिए मत,
कुछ करके तो दिखाए।
पहला अपना कालर साफ़ कीजिये ,
फिर दूसरों का मुँह काला कर जाइये।वरना, बेहतर अपना मुँह सिल जाइये।
- कुमार गौतम
इसमे तनिक भी संदेह नही है कि इन्ही नेताओं कि वजह से ही हम लोग आज तक आज़ाद होने के बाद भी गुलाम ही तो हैं...
ReplyDeleteबिलकुल सत्य वचन सुनील...
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